5 मार्च 2019 - 15:45
हसन नसरुल्लाह के बारे में इस्राईल के सरकारी टीवी पर बड़ी स्वीकारोक्ति और रोचक तथ्य ...

इस्राईल के सरकारी टीवी पर लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह के बारे में एक डाक्यूमेंट्री प्रसारित की गयी है जिसमें सैयद हसन नसरुल्लाह के बारे में रोचक स्वीकारोक्ति मिलती है।

  इस्राईली टीवी चैनल " कान " ने सोमवार को सैयद हसन नसरुल्लाह के बारे में एक डाक्यूमेंट्री प्रसारित की।

इस डाक्यूमेंट्री में इस्राईल के भूतपूर्व प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट ने कहा है कि " हम नसरुल्लाह के मीडिया जाल में फंस गये, सन 2006 में उनके भाषण का प्रसारण गलती थी, मानो वह हमारी सरकार के विदेशमंत्री या प्रमुख हों, इसी फैसले की वजह से हसन नसरुल्लाह को हमारे मध्य शंका फैलाने का अवसर मिल गया।"

एहुद ओलमर्ट को इस डाक्यूमेंट्री  में यह कहते देखा जा सकता है कि " सन 2000 में लेबनान से बौखलाहट के साथ  और उद्देश्यहीन रूप में हमारी वापसी, नसरुल्लाह की ओर से हमें  मकड़ी के जाले जितना कमज़ोर बताने वाले भाषण का आधार थी। "

     याद रहे इस्राईल ने सन 2000 में हिज़्बुल्लाह के सामने घुटने टेकते हुए दक्षिणी लेबनान से निकलने का फैसला किया जिस पर उसने सन 1982 से ही क़ब्ज़ा कर रखा था।

     सैयद हसन नसरुल्लाह ने सन 2006 में 33 दिवसीय युद्ध के आरंभ से कुछ दिनों पहले अपने एक भाषण में कहा था कि इस्राईल, मकड़ी के जाले से भी अधिक कमज़ोर है।

    इस्राईल के सरकारी टीवी चैनल पर सैयद हसन नसरुल्लाह के बारे में प्रसारित होने वाली डाक्यूमेंट्री में कही गयी कुछ बातें इस तरह हैः

  • हसन नसरुल्लाह के पास हमारे बारे में बहुत अच्छी मालूमात है, उन्होंने इस्राईल के नेताओं और इतिहास का भरपूर अध्ययन किया है और अरब दुनिया में कोई भी हसन नसरुल्लाह की तरह इस्राईल को नहीं पहचानता।
  • हसन नसरुल्लाह वह नेता नहीं जो अपने बच्चों को विदेशी युनिवर्सिटियों में भेजें वह अपने बच्चों को युद्ध के मोर्चे पर भेजते हैं।
  • नसरुल्लाह सन 2000 में एक ऐसे नेता के रूप में अरब जगत में उभरे जिसने अतिग्रहणकारियों को अपनी भूमि से खदेड़ दिया और बड़ी विजय प्राप्त की।
  • नसरुल्लाह ने युद्ध के दृश्य प्रसारित करने के नये नये तरीक़ों का आविष्कार किया और पूरी दुनिया में इस क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह की भांति कोई भी संगठन दक्ष नहीं है।